किशोरीलाल बड़ी देर से पहुंचे ,लेकिन शादी में पहुँच ही गए । उनके भांजे की शादी थी लेकिन बस बारात निकलने के कुछ समय पहले ही पहुंचे थे । आजकल बहुत व्यस्त रहने लगे थे । किसी संगठन से जुड़ गए थे शायद । उसी के काम में लगे रहते । आजकल कुछ बदले बदले से हो गए थे ।
आते ही उन्होंने अपने व्यवहार के अनुसार बैठक लगा ली और लग गए इधर उधर का ज्ञान बघारने । हंसी-मज़ाक, सरकार, धर्म, राम , रावण न जाने क्या क्या । बात करते करते दो एक नए लड़के कुछ ज्यादा ही प्रभावित लगे । गाँव के लड़के थे, ऐसी चपल बातों से प्रभावित होना कोई नई बात नहीं ।
तब किशोरीलाल जी को जैसे सुनने वाले मिल गए और फिर उन्होंने बघारना शुरू किया इतिहास से शुरू होकर वर्तमान तक । मारीच पर हुए अत्याचार से लेकर ताज़ा हिरन के शिकार तक । शबरी से लेकर राबड़ी तक । न जाने क्या क्या सुनाया समझाया । अंग्रेजों का महिमामंडन किया ।
मुगलों का गुणगान किया । जिसका करना था उसका अपमान किया । सरकार की विफलताएं गिनाई । जाति के समीकरण समझाए । आजादी और अधिकार के स्वप्न दिखाये । इस प्रकार जब दोनों लड़के बिलकुल उनके भक्त हो गए तो उनसे बोले, कहो तो अपने व्हाट्सएप्प ग्रुप में जोड़ दूँ?
उसमे तुम जैसे कई नौजवान हैं । उनके बीच तुम्हे सब राज़ की बातें पता चलेंगी । कई षड्यंत्र समझोगे । मोबाइल नंबर का आदान प्रदान कर लिया गया । इतने में बहन आ पहुंची और उलाहना दिया एक तो ऐन वक़्त पर आये हो बारात का समय हुआ जाता है और यहाँ गप्पे लड़ाते बैठे हो ,ये नहीं की हम सब से मिल ही लो ।
मिल तो रहा हूँ सबसे,वे बोले।
मेरे आने का उद्देश्य तो सफल हो ही गया है।शादी के बहाने कुछ काम संगठन का भी हो गया।दो लड़के मिल गए।बारात के बाद निकल जाऊंगा वापस, पूजा पाठ तो मैं मानता नहीं सो रुकने का क्या मतलब।देख लेना तुम ही।
बहन चुपचाप अपने काम में लग गयी।
आते ही उन्होंने अपने व्यवहार के अनुसार बैठक लगा ली और लग गए इधर उधर का ज्ञान बघारने । हंसी-मज़ाक, सरकार, धर्म, राम , रावण न जाने क्या क्या । बात करते करते दो एक नए लड़के कुछ ज्यादा ही प्रभावित लगे । गाँव के लड़के थे, ऐसी चपल बातों से प्रभावित होना कोई नई बात नहीं ।
तब किशोरीलाल जी को जैसे सुनने वाले मिल गए और फिर उन्होंने बघारना शुरू किया इतिहास से शुरू होकर वर्तमान तक । मारीच पर हुए अत्याचार से लेकर ताज़ा हिरन के शिकार तक । शबरी से लेकर राबड़ी तक । न जाने क्या क्या सुनाया समझाया । अंग्रेजों का महिमामंडन किया ।
मुगलों का गुणगान किया । जिसका करना था उसका अपमान किया । सरकार की विफलताएं गिनाई । जाति के समीकरण समझाए । आजादी और अधिकार के स्वप्न दिखाये । इस प्रकार जब दोनों लड़के बिलकुल उनके भक्त हो गए तो उनसे बोले, कहो तो अपने व्हाट्सएप्प ग्रुप में जोड़ दूँ?
उसमे तुम जैसे कई नौजवान हैं । उनके बीच तुम्हे सब राज़ की बातें पता चलेंगी । कई षड्यंत्र समझोगे । मोबाइल नंबर का आदान प्रदान कर लिया गया । इतने में बहन आ पहुंची और उलाहना दिया एक तो ऐन वक़्त पर आये हो बारात का समय हुआ जाता है और यहाँ गप्पे लड़ाते बैठे हो ,ये नहीं की हम सब से मिल ही लो ।
मिल तो रहा हूँ सबसे,वे बोले।
मेरे आने का उद्देश्य तो सफल हो ही गया है।शादी के बहाने कुछ काम संगठन का भी हो गया।दो लड़के मिल गए।बारात के बाद निकल जाऊंगा वापस, पूजा पाठ तो मैं मानता नहीं सो रुकने का क्या मतलब।देख लेना तुम ही।
बहन चुपचाप अपने काम में लग गयी।
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