बुधवार, 28 मार्च 2018

सर्व तर्कम स्वाहा

आइये सब कतार में लग जाइये । हमारी दी हुई टोपी से सर ढँक लीजिये । सब लोग अब धीरे आगे बढ़ते रहिये और जैसा बताएं वैसा करते रहिये ।

आइये सबसे पहले वाले काउंटर पर , यहाँ अपना बुद्धि और विवेक जमा दीजिये । कोई पुरानी विचारधारा, तर्क-वितर्क , प्रश्न, एवं शंका हो वह यहीं जमा करा दीजिये । आगे वाले काउंटर पर दिमाग का प्रयोग, प्रदर्शन या धारण वर्जित है ।

इस काउंटर पर अपनी रीढ़ की हड्डी रख दीजिये, अब आपको जहाँ जैसा जब कहा जाये झुकना होगा । अगर आपमें रीढ़ की हड्डी होगी तो आलाकमान के सामने समस्या आएगी ।

चलिए अब अपनी जबान पे ठप्पा लगवा लीजिये । अब आप वही बोलेंगे जो आपसे कहा जायेगा । और अब आप किसी की नहीं सुनेगें - जनता , मीडिया ,विरोधी । आपको मात्र आलाकमान को सुनना है । यंत्र आपके कानों में फिट किये जा रहे हैं ।

अब आप अपने सभी वस्त्र उतार दीजिये, और देह पर अन्य पार्टियो के निशान चेक करा लीजिये । उसके बाद अगले काउंटर से मोटी खाल के वस्त्र पहन लीजिये । आपको अब से कुछ भी चुभना नहीं चाहिए । आपको अब अपनी अंतरात्मा को यहाँ जमा कराना होगा । साथ में यह बांड साइन करना है, की आप अपनी अंतरात्मा का पुनः प्रयोग नहीं करेंगे । कुछ लोग अंतरात्मा की आवाज़ सुनने लगते हैं , उनके लिए विशेष व्यवस्था है । वे अपनी अंतरात्मा से मुक्ति पा सकते हैं ।रकम लेकर सदा के लिए पार्टी को बेच सकते हैं । इसके बदले आपको अच्छी  कीमत दी जा रही है ।

पार्टी की आशा है कि आप वही देखें जो पार्टी के हित में है । और पार्टी क्या दिखाना चाहती है, वह देखने के लिए आपको विशेष चश्मे दिए जा रहे हैं । चश्मे के एक तरफ से आप अपनी पार्टी की अच्छाई देख

पाएंगे दूसरी तरफ से विरोधियो की त्रुटियाँ ।  इस चश्मे से आपको कर्ता के अनुसार सही भी ग़लत दिखेगा और ग़लत भी सही दिखेगा |  चश्मे के साथ आपको दोगलेपन की गोलियाँ भी दी जा रहीं हैं | जिन्हें

आपको सुबह शाम तब तक खाना है जब तक आप के खून मे दोगलापन पूरी तरह समा न जाए |

अगले वाले काउंटर पर आपको अपना दिमाग़, दिल, स्वाभिमान , आत्‍मसम्मान और शर्म की गठरी बना कर उपाध्यक्ष महोदय के चरणों मे अर्पित करनी है |

अब आप पूर्णतः पार्टी के कार्यकर्ता बन चुके हैं | आइए शपथ ले लीजिए कि आज से पार्टी की ग़लतियों को वैसे ही छुपाएँग जैसे आपकी खुद की ग़लती हो | पार्टी के आलाकमान द्वारा की गयी चोरी अब आपकी

अपनी चोरी है | पार्टी अगर रायता फैलाएगी तो आप भी रायता फ़ैलाएँगे | अध्यक्ष महोदय कितनी भी हास्यास्पद या मूर्खतापूर्ण बात क्यों न करें , आप सदा उसे गंभीरता से सुनेंगे और दोहराएँगे |

शपथ ग्रहण के बाद आइए पार्टी के कुल देवी और देवता के दर्शन कर लीजिए और मंत्र दोहराइए-

ओम, पार्टी अध्यक्षाय नमः |
उपाध्यक्षये नमः |
स्वविवेकम स्वाहा |
सर्वतर्कम स्वाहा ||


अध्यक्ष स्त्रोत्र जा जाप करिए
फनी-फेसम् चमचा.दिगण सेवितम् राष्ट्राध्यक्षम् देवं स्वघोषितम् |
स्व-मात-सुतं पार्टी विनाश कारकं नमामि मन्देश्वरपादपङ्कजम्  |

अब क्षमा मांगिए -

राजनीत न जानामि न जानामि च राष्ट्रहितम |
दूजा चैव न जानामि क्षमयताम् पार्टीश्वरम् ||

अपराध सहस्त्रानि क्रियन्ते कुल जीवनम |
कार्यकर्ता जानामि क्षमयताम् पार्टीश्वरम् ||


अब आप लोग अपना अपना विसर्जन पार्टी मे कर दीजिए ||


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