वैसे तो इस लेख में तर्क वगैरह को स्वाहा ही समझिये। फिर भी अगर बिना किसी तर्क के ही पढ़ सकें तो पढ़ें। एक नई फिल्म के टीज़र देखने के बाद, हमनें सोचा अगर पुराने जमाने के टिपिकल मसाला फिल्मों वाले इस फिल्म के डायलॉग लिखते तो कैसे लिखते। डायलॉग और सीन कैसे होते?
कहीं दूर किसी टापू पर, किसी किले के सामने –
"रावण अली! चुपचाप अपने दोनों हाथ ऊपर कर के बाहर आ जाओ। वानरों ने तुम्हें चारों तरफ से घेर लिया है।"
"तुमने अभी रावण का कहर देखा नहीं है सूर्यवंशी। रावण के खौफ से देवता भी थर थर कांपते हैं।"
पृष्ठभूमि में संगीत ~ लंक..लंक..ल..ल ...लंकेश ..लंकेश।
"रावण जब स्वर्ग की तरफ देख भी लेता है तो देवता कहते हैं अप्सराओं छुप जाओ नहीं तो रावण आ जाएगा।"
"ये गीदड़ भभकी किसी और को देना रावण। माँ का दूध पिया है तो बाहर निकल। क्या कायरों की तरह छुप कर बैठा है।"
"लौट जाओ सूर्यवंशी, वरना.."
"वरना क्या रावण अली.."
"अंजाम बहुत बुरा होगा!"
पृष्ठभूमि में संगीत ~ लंक..लंक..ल..ल ...लंकेश ..लंकेश।
"अंजाम की धमकी किसी और को देना। मैं अपने सर पर कफ़न बांध के आया हूं और आज मामला रफा दफा कर के ही जाऊंगा। "
"सूर्यवंशी भूलो मत तुम असुर बस्ती में खड़े हो, ये हमारा इलाका है। हमारे इलाके में घुसकर हमें भड़काओ मत।"
"इलाके कुत्तों के होते हैं, शेर जंगल का राजा होता है और तुम्हारे सामने शेरों की सेना खड़ी है। "
सीन का फोकस अचानक अदालत में -
"ऑब्जेक्शन मीलॉर्ड ! मीलॉर्ड, मेरे काबिल दोस्त फेक न्यूज़ फैला रहे हैं। साफ़ साफ़ दिख रहा है सामने वानरों की सेना है।"
"ओवर रूल, आप ऐसे वनरों को शेर बता कर फैक्ट के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकते।"
"लेकिन मीलॉर्ड .. "
हथौड़े की आवाज़ ठक्क !
सीन का फोकस वापस किले पर -
उधर से मेघनाद – "भूलो मत हमारे कब्जे में कौन है। चुपचाप हथियार डाल दो। वरना हमारे हथियार उठे तो बहुत खून बहेगा। क्यों खुद अपनी तबाही को बुला रहे हो।"
"मेघनाद, क्लाइमैक्स में फैमिली का अपहरण आउटडेटेड हो गया है। हमने तुम्हारे हथियारों का फ्यूज कंडक्टर हमने पहले ही निकाल लिया था। हार मान लो और दशहरे पर जलने के लिए तैयार हो जाओ।"
संगीत - ढेंटें sss ढेंटें ....
भारी आवाज में डायलॉग ... मुद्दई लाख बुरा चाहे तो .....वगैरह वगैरह।
ढेंटेँ sss ढेंटें .... टन टन्न टन टन्न
"अरे वानर तुम तो द्रविड़नाडू वाले हो, साउथ इंडियन हो। तुम क्यों इन नॉर्थ के लोगों का साथ दे रहे हो। ये यूपी वाले भैया लोग बड़े लड़ाकू होते हैं।"
"जबान को लगाम दे मेघनाद!नॉर्थ से साउथ और ईस्ट से वेस्ट इंडिया एक है।हम सब इंडियन हैं।लंका का मलिंगा हमको सिखाएगा?
तुम्हारा लंका कढ़ी में पकौड़े की तरह पड़ा हुआ द्वीप है।जितने तुम्हारे यहां की जनसंख्या है उतने तो हमारे यहां NRI विदेशों में स्वतंत्रता संग्राम की तैयारी में लगे हैं।
जितने सोने के तुम्हारे देश में सोने के महल हैं उतना सोना तो हमारे केरल वाले सऊदी से अपने *** में भरकर ले आते हैं। जितनी तुम्हारी जीडीपी है उतना तो हमारे देश को बर्बाद करने के लिए सोरोस इन्वेस्ट कर देता है।
जितने साल लंका को बने हुए नहीं हुए उससे ज्यादा तो अकेले नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। हमारा देश एक भारत और श्रेष्ठ भारत है। और इसीलिए चुपचाप हथियार डाल दो।"
"तुम क्या हथियार डलवाओगे, हमारी तो एक नजर ही काफी है कहर बरपाने के लिए। याद है तो १७०० करोड़ का पुल। उसे हमारी ही नजर लगी थी। इसीलिए बनने से पहले ढह गया।"
"पुल तो हम और बना लेंगे। देख लो तुम्हारे ही सामने समुद्र पर पुल बनाकर हम नदी के इस पार इतनी बड़ी सेना लेकर आ गए।"
सीन कट कर अचानक अदालत में-
"ऑब्जेक्शन मीलोर्ड।नदी नहीं समुद्र।मेरे काबिल दोस्त भूल गए कि पुल समुद्र पर बना है।"
"सस्टेन्ड!" जोर से हथौड़े की आवाज़।
सीन वापस युद्ध भूमि में।
"तुम्हारे जैसे राक्षसों की बुरी नजर हमारे राष्ट्र का कुछ नहीं बिगाड़ सकती। अरे, हमारे तो ट्रकों के पीछे भी लिखा होता है – बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला।"
"संघी, भक्त। राष्ट्रवाद फैलाता है। तुम लंका जलाने के अलावा कर क्या सकते हो। अरे सूपर्णखा तो पंचवटी में मोहब्बत की दुकान खोलने आई थी, तुम सेवक संघ वालों ने उसकी नाक काट दी और नाकपुर शहर बसा दिया। और अब उसी नाकपूर से सारी दुनिया चलाना चाहते हो। यही है तुम्हारी इंसानियत?"
"अरे मोहब्बत की दुकान वालो, दुकान खोलकर एक तरफ बैठो, घर घर जाकर क्यों जबरदस्ती बेचते हो। अपनी मोहब्बत अपने पास रखो और सरेंडर कर दो। अब भी मौका है, तुम्हे सरकारी गवाह बना देंगे और कम से कम सजा होगी!"
विभीषण हाथ ऊपर कर के बाहर निकलता है। "मैं सरेंडर करने के लिए तैयार हूं। सरकारी गवाह बनने के लिए भी।"
"देश द्रोही। कुल द्रोही। मैं तुझे नहीं छोडूंगा।"
"भैया, आप भी सरेंडर कर दो। हम अपनी सजा काटने के बाद इज्जत की जिंदगी जिएंगे। आप बाहुबली हो चुनाव लड़कर विधायक या सांसद भी बन सकते हो। और इन लोगों ने चाहा तो आपको राज्यसभा का टिकट भी दे सकते हैं।"
"अरे देश द्रोही, लंकेश हैं हम। लंका में राजसभा होती है राज्यसभा नहीं। रुक अभी तेरा टिकट कटवा कर तुझे रफा दफा करता हूं।"
पृष्ठभूमि में संगीत ~ लंक..लंक..ल..ल ...लंकेश ..लंकेश।
" इससे पहले कि मेरे वानर लंका में घुसकर तुम्हारी लंका लगा दें, बाहर आ जाओ। आखिरी मौका है।"
रावण का फोन बजता है।
"हैलो!"
"हैल्लो सर, गुड मोर्निंग। मैं बजाज फाइनेंस से बोल रहा हूँ। "
"सर सुना था कोई लंका जला गया था, रिकंस्ट्रक्शन वगैरह के लिए हमारी कंपनी आपको प्री-एप्रूव्ड होम लोन दे रही है।"
"नहीं चाहिए।"
"कोई और लोन की जरूरत हो तो बताइये सर।"
"नहीं चाहिए।"
"पुष्पक विमान का इंस्युरेन्स करवा लीजिये सर। "
"नहीं करवाना।"
"आप युद्ध में जा रहे हैं सर अपना बीमा करवा लीजिये। हेल्थ कवर और बीमा के बढ़िया प्लान हैं सर।"
"नहीं चाहिए। अबकी बार फोन किया तो ब्लॉक कर देंगे।"
"याद रखना एक बार अगर हमको ब्लॉक किया तो फिर हमसे लोन लेना तो भूल ही जाओ।"
"अहंकारी हम हैं, कि तुम हो? लोन दे रहे हो या अहसान कर रहे हो? दोबारा फोन मत करना नहीं तो तुम्हारा बीमा करवा देंगे।"
और फिर सन्नाटा... युद्ध की घोषणा करते हुए आसमान में विमान।
संगीत ... नगाड़ों वाला।
लंका में - "आई लव यू ब्रो! उठ जाओ लड़ने जाना है।"
"आई लव यू टू ब्रो लेकिन लड़ने जाना ही क्यों है। प्रवक्ता और आईटी सेल वाले छुट्टी पर हैं क्या? इतना तो वो ही लड़ लेंगे।"
"लड़ तो लेंगे ब्रो लेकिन ये जंग जुबानी नहीं है।"
"लेकिन तुम्हारे लिए मैं क्यों लड़ूँ?"
"क्योंकि उनकी सेना में कोई आई लव यू नहीं बोलता ब्रो। हमारी लंका में सब एक दूसरे को आई लव यू बोलते हैं इसलिए जाओ लड़ो ब्रो। "
अब यहां के सीन किसी वेबसीरीज वाले ने लिखे हैं –
सीन कटकर बीबीसी पर – संयुक्त राष्ट्र ने लंका में बढ़ते तनाव को देखते हुए दोनों पक्षों से शांति की अपील की है। अमेरीका ने लंका को हथियार देने की पेशकश की। अमेरिका और चीन हथियार देने के लिए आपस में भिड़े।
सीन वापस लंका में – लंका से निकलता हुआ भीमकाय कुंभकर्ण।
सीन टीवी पर – आपके लिए एक्सक्लूसिव तस्वीरें। लंका की तरफ से लड़ने के लिए कुंभकर्ण निकल रहा है। भीषण लड़ाई की संभावना। केवल हमारे नंबर वन चैनल पर एक्सक्लूसिव तस्वीरें।
बीच में विज्ञापन, विज्ञापन में मेघनाद – इस युद्ध में आपने ड्रीम ११ पर सेना बनाई? सेना नहीं बनाओगे तो जीतोगे कैसे?
सीन वापस लंका में– कुंभकर्ण गिर रहा है, वानर उसकी देह के नीचे दब रहे हैं। युद्धभूमि से पुलिस और एम्बुलेंस के सायरन की आवाज।
मीडिया से युद्ध भूमि पटी हुई।मीडिया लाशों के मुंह में भी माइक ठूंस कर बाइट लेने की कोशिश करती हुई।
एक राक्षस- जब मुझसे लड़ना ही नहीं था तो बुलाया क्यों था?
मीडिया - सर आप स्वयं सक्षम है भिड़ जाइए किसी से भी।
इसी बीच लंका पक्ष की आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस – युद्ध में आज कुंभकर्ण शहीद हो गए हैं। कुछ लोग उनकी चपेट में आकर घायल हुए हैं। हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं। घायलों को मोहल्ला क्लिनिक में भर्ती करवाया जा रहा है।
बंगला सरकार ने घायलों को दो दो लाख रुपए दो हजार की गड्डियों में बांध कर भेजे हैं।
वानर पक्ष का आधिकारिक बयान – आज अपराह्न २ बजे, एक एनकाउंटर में रावण के भाई की मृत्यु हो गई है। एनकाउंटर ऑपरेशन अभी चल रहा है जिसकी जानकारी सही समय पर उपलब्ध करवा दी जाएगी।
जेएनयू में नारेबाजी – कुंभकर्ण हम शर्मिंदा हैं।
दिल्ली में एक सभा में वक्ता की आंख में आंसू – आज उनकी बड़ी हैंडसम याद आ रही है।
*हैंडसम आदमी की याद भी हैंडसम होती है।
जंतर मंतर पर कैंडल मार्च। जस्टिस फॉर कुंभकर्ण।
ग्रेटा का आधिकारिक ट्वीट – दिस इस क्लाइमेट इमरजेंसी।
Kumkan was an environment activist. **please use the toolkit for tweet storm at noon today.
पर्यावरण मंत्री – इस साल फिर कुंभकर्ण मर गया, बाकी भी मरते ही होंगे। इस साल भी दिवाली पर प्रतिबंध है। पटाखे बैन करो।
उधर युद्धभूमि में मुझे मजबूरन तुम्हारे अहंकार की छाती में यह ब्रह्मास्त्र गाड़ना पड़ रहा है। और फिर ..... !!
"ये सब जान गए हैं शिवा! तुम ही ब्रह्मास्त्र हो शिवा। अहंकार की छाती में से निकल आओ शिवा। शिवा! शिवाSSS"
ट्विटर पर ट्रॉलिंग – इस देश में जब तक सनीमा है ....!
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