एक बार जंगल में पंचायत लगी. सियारों पर आरोप था कि उन्होंने जंगल का कानून तोडा है. सरपंच बैठे थे, वानर मीडिया सियारों और पंचों के मुंह में माइक ठूंस देने के लिए उछल कूद मचाये हुए था. पशु पक्षी कार्यवाही देख रहे थे.पंचायत की कार्यवाही शुरू की गई और एक पंच ने बोलना शुरू किया-वन में यह अनोखा मामला है जिसमे पशुओं के साथ उनके पूर्वजों पर भी आरोप लग रहे हैं. अपराध होते रहे और वनवासी चुपचाप देखते रहे, लेकिन अब जब मामले सामने आ रहे हैं तो कई पीढ़ियों के अपराधों के उत्तर इस पीढ़ी को देंगे होंगे.
पंच ने सवाल पूछा - क्या आपसे जंगल के संसाधनों का दुरूपयोग हुआ?
सियार- हुआ.
पंच- क्या वही अपराध आपके पूर्वजों से भी हुआ था?
सियार- हुआ.
पंच- आपने दूसरे जंगल के अपने रिश्तेदार जानवरों को हमारे जंगल में बुला कर यहाँ शिकार किया. क्या यह सच में हुआ?
सियार- हुआ.
पंच- कानून को मजाक समझना, बाकी जानवरों को मूर्ख बनाना, दूसरों का शिकार छीनना, दूसरे जंगल के जानवरों से खाना छीनना, क्या यह अपराध आपसे हुआ?
सियार- हुआ.
पंच- आपको पता है इससे जंगल के पशु पक्षियों को बहुत कष्ट हुआ है?
सियार -हुआ.
पंच- आपको देखकर लगता तो नहीं है कि आपको अपने किये पर पछतावा है. आप हुआ हुआ कर रहे हैं. आप जानते हैं आपने अपराध किया है फिर भी दांत दिखा रहे हैं. आपके अपराध देखिये और शर्म कीजिये, क्षमा मांगिए .
सियार (दांत दिखाते हुए) - जो हुआ सो हुआ, हुआ तो हुआ.
सियार- हुआ.
पंच- क्या वही अपराध आपके पूर्वजों से भी हुआ था?
सियार- हुआ.
पंच- आपने दूसरे जंगल के अपने रिश्तेदार जानवरों को हमारे जंगल में बुला कर यहाँ शिकार किया. क्या यह सच में हुआ?
सियार- हुआ.
पंच- कानून को मजाक समझना, बाकी जानवरों को मूर्ख बनाना, दूसरों का शिकार छीनना, दूसरे जंगल के जानवरों से खाना छीनना, क्या यह अपराध आपसे हुआ?
सियार- हुआ.
पंच- आपको पता है इससे जंगल के पशु पक्षियों को बहुत कष्ट हुआ है?
सियार -हुआ.
पंच- आपको देखकर लगता तो नहीं है कि आपको अपने किये पर पछतावा है. आप हुआ हुआ कर रहे हैं. आप जानते हैं आपने अपराध किया है फिर भी दांत दिखा रहे हैं. आपके अपराध देखिये और शर्म कीजिये, क्षमा मांगिए .
सियार (दांत दिखाते हुए) - जो हुआ सो हुआ, हुआ तो हुआ.
पंच ने अपना सर पीट लिया, फिर कहा- ऐसा लगता है आपने जानबूझकर ही अपराध किए अनजाने में नहीं और अब आप स्वीकार भी कर रहे हैं. अब पंचायत फैसला करेगी.
बैठे हुए एक पंच ने कहा अभी चुनाव चल रहे हैं, चुनाव होने तक मामले पर सुनवाई टाल दीजिये. इससे चुनाव पर प्रभाव पड़ सकता है।पंच कुछ सोचकर बोले - स्वीकारोक्ति तो हो गई अब क्या बाकी रहा?
एक पक्षधर ने गुर्राते हुए कहा अगर कोई फैसला सुनाया तो हम केंचुआ से शिकायत कर देंगे और यह सुनते ही पंचायत की सभा विसर्जित हो गई. केंचुआ से पंच भी डरते हैं.
सियारों ने एक बार फिर से हुआ हुआ, हुआ तो हुआ की जोरदार ध्वनि की.
#केंचुआ ~ केंद्रीय चुनाव आयोग,केंचुआ जिसका भी सृजन है उसको धन्यवाद.
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