अब शायद वो सीन देखने मिलें जिसमें, अदानी अपने आदमियों के साथ बुल्डोजर लेकर झुग्गी की तरफ आ रहे हैं। नंदी जी झुग्गी के लोगों को जमा कर के खड़े हो गए हैं। उधर ताजा ताजा 'आजाद’ हुए पत्रकार कुमार, झोला टांगे अपनी साइकिल से टिक कर खडे हुए हैं। आंखों पर मोटा चश्मा, बाल बिखरे।
हाथ में पेन और नोटपैड, खादी का कुर्ता और जींस पहने हुए, इस घटना का ब्यौरा लिख रहे हैं। पीछे से पाटकर भी अपनी काली इनोवा से उतर कर आ रही हैं, वही सफेद साड़ी में।
सलीम जादौ, झोला टांगे एक दुकान पर चाय सुडक रहे हैं। आंखें सड़क पर गड़ाए हुए। संदिग्ध, जैसे झोले में कुछ बम रखा हुआ हो।
अदानी के साथ पुलिस भी है, और फिर अदानी ने चारों तरफ देखा। सामने झुग्गी। नाला। भीड़। नंगे बच्चे। हैंडपंप। सर पर पानी उठाए दो औरतें।
एक अंधे गरीब कमजोर से दिखने वाले मुल्ला जी। एक लुंगी पहने हुए छिछोरा दढियल, जिसके हाथ में एक लाठी है।
एक नारियल पानी वाला जिसके हाथ में हंसिया है।
उसने बुल्डोजर को देखा और जोर से हंसिया एक नारियल पर दे मारा है। एक कसाई की दुकान जिसमें लटकते हुए मांस पर मक्खियां भिनभिना रही है। कसाई सड़क की तरफ देखता है और सामने पड़े मांस को काटता है।
ANI वाले अभी भी केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हैं।
शरद शर्मा NDTV छोड़कर आप के घोषित प्रवक्ता नियुक्त हुए हैं, उसी महत्त्वपूर्ण बात को केजरीवाल प्रेस कांफ्रेंस कर के बता रहे हैं।
झुग्गी में सुदर्शन टीवी वाले खड़े हुए हैं, प्रसारण चल रहा है, अब जलेगी पाप की लंका। अपराध का अड्डा है झुग्गी। अब आएगा धारावी में विकास।
अरफा ने ट्वीट कर दिया है, "रोज नया दर्द।"
टीवी चैनलों पर लाइव प्रसारण के साथ चल रही है बहस, कांग्रेस के प्रवक्ता कह रहे हैं यह हमारी सांस्कृतिक विरासत मिटाने की साजिश है।
टीएमसी नाराज दिख रही हैं, कोई बंगाली कह रहा है, ऐसे तो मुंबई का फीलिंग ही खोतम हो जाएगा।
इधर राणा और तीस्ता ने झुग्गी वालों के नाम पर क्राउडफंडिंग शुरू कर दी है। सुचेता दलाल ने अदानी को घेरने की नई रणनीति कर काम शुरू कर दिया है।
उधर झुग्गी के सामने आकर बुल्डोजर घड़ घड़ घर घर चीईss की आवाज कर के रुक गया है। अदानी गाड़ी में से निकल आए हैं। आंख पर काला चश्मा लगा है।
हाथ में लाउडस्पीकर पकड़ कर अदानी ने बोलना शुरू किया, बस्ती को खाली कर के नई जगह चले जाओ यहां अब पुनर्निर्माण होगा। सरकारी ऑर्डर है, बस्ती खाली करदो नहीं तो बुल्डोजर ....!
सामने से एक आदमी ललकारता है, हम ये बस्ती छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे।
सलीम जादौ बुलडोजर के सामने आकर लेट गए।
ये बुल्डोजर मेरी लाश के ऊपर से आगे बढ़ेगा। पाटकर सामने खड़ी हो गई हैं।
लाउडस्पीकर पर पुलिस वाला बोलता है – सामने से हट जाओ वरना मजबूरन हमें सख्ती करनी पड़ेगी।
पत्रकार कुमार ये सब नोटपैड पर नोट कर रहे हैं।
झुग्गी के पीछे कुछ लुच्चे ईंट, पत्थर, बोतल हाथ में लेकर खड़े हुए हैं।
बस ऐलान की प्रतीक्षा है। उसके बाद क्या करना है वो जानते हैं। बुल्डोजर आया तो पहियों पर चलकर है लेकिन जायेगा कल्लू कबाड़ी की दुकान में ही।
पुलिस वाले डंडे को जोर से पकड़ते हैं, कसाई अपने कतन्ने को, नारियल पानी वाला अपना हंसिया कस के पकड़ता है। डर का माहौल है, पत्रकार ने नोट लिखा।
इतने में एक गाड़ी तेजी से आकर रुकती है। उसमें से दो काले कोट वाले वकील निकलते हैं। प्रशांत भूषण जोर से कहते हैं, रुक जाइए।
हम कोर्ट से स्टे ऑर्डर ले आए हैं। मूनबैंगल साहब ने किसी भी कार्यवाही को करने पर रोक लगा दी है। यह बस्ती नहीं हटेगी।
सिब्बल साहब कहते हैं, आपका किया धरा सब जीरो हो गया अदानी साहब।लौट जाइए।बस्ती में खुशी की लहर दौड़ जाती है।
नारियल पानी वाला एक नारियल लेकर नाचता हुआ अदानी की गाड़ी की तरफ जाता है। कसाई अपने लाल पीले दांत दिखाता है।
पत्थर बोतल छोड़कर छिछोरे मुंबईया नाच करते हुए सड़क पर आ जाते हैं।
पानी भरने वाली औरतें घरों को जाती हैं, नंगे बच्चे की नाक भी बहने लगती है। नाला जो ये सब देखने के लिए रुक गया था फिर से बहने लगता हैं।
मुल्ला जी अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं। टीवी पर बहस अब गाली गलौच पर उतर आई है।
ANI अभी केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में व्यस्त है।
जादौ जी चिल्ला चिल्ला कर सबको बुला रहे हैं, ए भाई कोई तो रुक जाओ। थोड़ी देर तो आंदोलन कर लो। किसी भी बात पर कर लो। लेकिन तब तक सब अपने अपने काम में लग गए हैं।
पत्रकार कुमार की मुस्कुराहट बड़ी हो गई है। उन्होंने अंतिम नोट डाला – बड़ी विडंबना है। और साइकिल उठा कर चल देते हैं।
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