हॉल ATT एक हॉल ही तो है जहाँ किसी सस्ती चाल की तरह आवाजें आती रहती है…हर कोई दो-दो monitors के सामने बैठा US भक्ति में लीन है…कानो में headphone चिपकाये अंग्रेजों की चप-चप सुन रहा है….सामने टीवी चल रहा है…चाल की तरह कुछ लड़के ठहाके मार के हंस रहे हैं..बीडी अन्दर निषेध hai वरना उसका शौक भी यही पूरा कर लिया जाता … पान – gutka लोग चोरी चुपके खा ही लेते हैं…
हाँ चाल की तरह एक- और चीज़ हो रही है …कोई लड़की जब कहीं से निकलती है तो कुछ छिछोरे कमेन्ट भी मार लेते हैं और आँखें भी ठंडी कर लेते है.
हाँ चल की तरह यहाँ भी सब अपनी छोटी सी खोली में घुसे हुए रहते हैं … जागते हुए ये सपना देखते हैं की एक दिन हमे कोई cubicle मिलेगा …कभी तो इस जगह से निकल कर किसी सही जगह पर जायेंगे …कभी तो किस्मत अच्छा मौका देगी…कभी तो किस्मत support से हटा कर development में लाएगी…
सब मजदूर हैं - मजबूर हैं काम करने के लिए : Mainframe वाला वेरिफिकेशन कर रहा है …डेवलपर वेरिफिकेशन कर रहा है…किसी का platform फिक्स नही…
Knowledge और Talent की धज्जिया उडी पड़ी है… सब सोच रहे है की काश……….
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